Show Ad






 0.00
More Information
हिन्दू धर्म में सभी देवी- देवताओं का अपना एक अलग ही स्थान है। सभी देवी- देवताओं के पूजा- पाठ की विधियां भी अलग- अलग हैं, तो वहीं ऐसा भी माना जाता है कि एक सप्ताह के सभी सातों दिन अलग- अलग भगवान की पूजा- अर्चना का दिन होता है। जैसे सोमवार को भगवान शिव, मंगलवार को हनुमान जी तो बुधवार को भगवान गणेश की पूजा अर्चना का दिन होता है। गुरुवार को भगवान विष्णु की अराधना की जाती है, तो शुक्रवार को मां संतोषी और मां दुर्गा के रुपों की और शनिवार को शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए शनि देव, हनुमान और मां काली की पूजा की जाती है। वहीं कहते हैं कि रविवार को भगवान सूर्य देव की अराधना करनी चाहिए ताकि सूर्यदेव हमें खुद की ही तरह तेज और सकारत्मक शक्ति प्रदान करें।
रविवार भगवान सूर्यदेव का दिन माना गया है। इस दिन भगवान सूर्य की पूजा- अर्चना करने से भगवान सूर्य प्रसन्न होते हैं। रविवार का दिन सूर्य उपासना के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सूर्य को जल चढ़ाने, मंत्र का जाप करने और सूर्य नमस्कार करने से बल, बुद्धि, विद्या, वैभव, तेज, ओज, पराक्रम व दिव्यता आती है। किसी ग्रह की शांति के लिए भी रविवार का व्रत अति उत्तम माना गया है।

ऐसे करें भगवान सूर्यदेव की पूजा

नवग्रहों के राजा सूर्यदेव की पूजा- अर्चना में गायत्री मंत्र का बहुत बड़ा महत्व है। रविवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सफेद कपड़े ही पहनें। सूर्य देव को नमस्कार करें। तांबे के एक बर्तन में ताजा पानी भरकर नवग्रहों वालें मंदिर में जाएं। वहां सूर्यदेव को लाल चंदन का लेप, कुमकुम, चमेली और कनेर के फूल अर्पित करें। सूर्य देव के आगे दीप प्रज्जवलित करें। इसके साथ ही मन में भगवान में प्रार्थना भी करें। ‘ऊं सूर्याय नम:’ का जाप करते हुए भगवान सूर्य को जल चढाएं। इसके बाद जमीन पर माथा टेककर इस मंत्र का जाप करें।

ऊँ खखोल्काय शान्ताय करणत्रयहेतवे।

निवेदयामि चात्मानं नमस्ते ज्ञानरूपिणे।।

त्वमेव ब्रह्म परममापो ज्योती रसोमृत्तम्।

भूर्भुव: स्वस्त्वमोङ्कार: सर्वो रुद्र: सनातन:।।

इसके बाद भगवान सूर्यदेव की आरती करें और प्रसाद चढ़ाकर प्रसाद ग्रहण करें। ऐसा करने से आपके सारे दुख दूर हो जाएंगे और आपकी मनोकामना सूर्यदेव अवश्य सुनेंगे।

कहा जाता है कि जो लोग ये सब कुछ नहीं कर सकते, वे लोग अगर प्रतिदिन सुबह उठकर स्नानादि से निवृत हो कर हर रोज गायत्री मंत्र का पाठ करते हुए भगवान सूर्य को जल चढ़ाते हैं, उनकी भी सभी बीमारियां, रोग- दोष दूर हो जाते हैं और मन मेंं शांति मिलती है। साथ ही भगवान सूर्य उनकी मनोकामनाएं भी पूरी करते हैं ऐसा कहा जाता है।

सूर्यदेव की अराधना से होने वाले लाभ

सूर्यदेव की पूजा करने से व्यक्ति को हर कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है अौर उसके शारीरिक, व्यवाहारिक अौर धैर्य का पता चलता है।

प्रतिदिन सूर्यदेव की पूजा करने से व्यक्ति निडर अौर बलवान बनता है।

सूर्यपूजा व्यक्ति को परोपकारी बनाती है।

जो व्यक्ति प्रतिदिन सूर्यपूजा करता है वह विद्वान, बुद्धिमान अौर मधुर वाणी वाला बनता है।

सूर्यदेव के पूजन से व्यक्ति कोमल अौर पवित्र आचरण वाला बनता है।

प्रतिदिन सूर्यदेव की पूजा करने से अंहकार, क्रोध, लोभ, इच्छा, कपट अौर बुरे विचारों का नाश होता है।

This Ad has been viewed 33 times.