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एक बिहारी सब पर भारी इस लाइन से तो उत्तर भारत का हर व्यक्ति भली भाति वाकिफ होगा, लेकिन इस बिहारी युवक ने इस लाइन को ना सिर्फ समूचे देश मे बल्कि सात समुंदर पर विदेशो मे भी फैला दिया। इस प्रतिभाशाली युवक ने डिजिटल मीडिया में नयी क्रांति ला दी। आधे से ज्यादा देशों में हो रहा है इस नये आविष्कार का इस्तेमाल। बेस्ट यंगर यूथ आइकॉन के अवार्ड से सम्मानित सिद्धांत ने सपना पूरा होने तक नहीं ली थी चैन की नींद।
भारत के मशहूर वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने सपनों के बारे में कहा है कि “सपने वे नहीं होते जो आपको रात में सोते समय नींद में आए, लेकिन सपने वे होते हैं जो रात में सोने न दें।” ऐसे ही सपने देखने वाले एक शख्स का नाम है सिद्धांत वत्स। बिहार के गया के रहने वाले सिद्धांत वत्स की उम्र 20 साल हैं लेकिन उन्होंने जो आविष्कार किया है उससे उनकी ख्याति पूरे दुनिया-भर में फ़ैल गयी।
सिद्धांत वत्स को आप शायद न जानते हों, लेकिन दुनिया भर की टेक कंपनियां उन्हें बखूबी जानती हैं। 20 साल के सिद्धांत को अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा मिलने को बुला चुके हैं और अपने देश के पीएम ऑफिस से भी उन्हें ‘बेस्ट युवा उद्यमी’ का अवार्ड मिल चूका है। आपको बता दे की सिद्धांत वत्स ने दुनिया की पहली ‘स्मार्ट-वाच’ कंपनी ‘एंड्रायडली सिस्टम्स’ बनायी है जो एंड्रायड पर चलने वाली घड़ियाँ बनाती है। सिद्धांत ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर मोबाइल फोन, कम्प्यूटर और जीपीएस प्रणाली वाली दुनिया की पहली स्मार्ट वाच ‘एंड्रायडली’ बनायी थी।
ये घड़ी कोई मामूली घड़ी नहीं है, ये करामाती घड़ी है और अपने किस्म की पहली भी। इस घड़ी की वहज से दुनिया-भर में एक नयी क्रांति आ गयी है। इसके आने से लोगों को एक नयी और अद्भुत सुविधा मिली है। कलाई पर पहनी जानी वाली ये घड़ी काफी लाभकारी है और इसके कई फायदे भी हैं। इन घड़ियों से आप समय देखने के अलावा फोन कॉल कर सकते हैं, इन्टरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं, गाने सुन सकते हैं, व्हाट्सएप्प चला सकते हैं। कलाई पर लगे स्मार्ट वॉच पर एक उंगली की चाल से कोई भी ईमेल भेजा जा सकता है और फ़ोन भी किया जा सकता है।
यानी फोन करने से लेकर इंटरनेट का इस्तेमाल और कैमरा भी कलाई पर ही मौजूद है। इस आविष्कार ने गजैट्स और स्माकर्टफोन की दुनिया में नयी क्रांति लाई है और अब इस घड़ी का इस्तेमाल दुनिया के आधे से ज्यादा देशों में हो रहा है। इसी आविष्कार ने सिद्धांत को “यूथ आइकॉन” भी बना दिया है। दुनिया-भर की विभिन्न संस्थाओं ने उन्हें सम्मान और पुरस्कार दिए। सिद्धांत को दुनिया के अलग-अलग शहरों में हुए बिजनेस मीट और दूसरे समारोहों में व्याख्यान के लिए बुलाया जाता है।
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