8 इंच के लंड से मेरे चूत की चुदाई

मेरा नाम डोली है और मैं दिल्ली में रहती हूँ. मैं दिखने में ठीक ठाक हूँ लेकिन उतनी सुंदर हूँ की किसी का लंड मेरे को देख के खड़ा हो. मेरा बदन काफी सेक्सी दीखता है. मेरी गांड बड़ी और बूब्स भी एकदम मोटे है. मुझे सेक्स का क्रेज़ सा है और उझे अच्छा लगता है अलग अलग लंड लेना. यानी मैं एक डाली की चिड़ियाँ नहीं हूँ, चुगते रहना और चुदते रहना मेरी फितरत है. मेरे बहुत सब बॉयफ्रेंड रहे है, कोई एक हफ्ते का तो कोई एक साल का. लेकिन सब को मैंने सेक्स का मजा तो जरुर दिया है.

एक दिन मैं अपने काम को खतम कर के ऑफिस से घर आ रही थी. और कोलोनी के बहार ही मुझे मेरी कजिन शानू मिल गई. वो मेरिड है और जीजू के साथ वो हम लोगों को मिलने के लिए आई थी. मैं ही उन दोनों को घर ले के आई. मम्मी और पापा भी बहुत खुश हुए उन्हें देख के. मम्मी ने खाना बनाया और डाइनिंग टेबल पर बहुत सब बातें हुई. अगले दिन मेरी छुट्टी थी इसलिए मैंने और शानू ने तो लेट तक बातें करने का मन भी बनाया हुआ था. और मुझे ऐसा लग रहा था की कजिन का पति मुझे लाइन मार रहा था. मेरी टी शर्ट के अंदर उसकी नजरें शायद मेरे उबस को ही खोज रही थी.

और उसे जब भी चांस मिलता या नहीं मिलता तो वो बना लेता था मेरे को टच करने के लिए. मैं भी उन्हें देख रही थी और सोचा की इसका लंड मेरे को कैसे मिलेगा!

तब कुछ रात के 11 बजे थे. शानू बोली मेरे को थोड़ी थोड़ी भूख लगी हे फिर से. मैंने बोला मैं किचन जा के मेग्गी बना के आती हूँ सब के लिए. वो बोली ठीक है तब तक मैं माँ को कॉल कर लूँ. शानू की माँ यानी की मेरी आंटी युएसए में रहती है. वो बहार निकल के कॉल करने लगी. और उसका पति मेरे साथ किचन में आ गया मेग्गी बनवाने के लिए. और वो वहां पर एकदम खुल सा गया था. कभी यहाँ टाच करता इस बहाने से और कभी वहां टाच कर लेता किसी और बहाने से. और मेरी हालत भी कम बुरी तो नहीं थी. मेरे को भी उसके साथ सेक्स की लालसा लगी ही हुई थी.

और फिर मैंने उनके साथ नॉन वेज वाली मजाक चालू कर दी. वो मेरे को बोले डोली मेग्गी बड़ी मस्त बनाना मुझे चाट चाट के खाने का मन करे ऐसे. मैं समझ गई की वो नॉन वेज बोल रहा है. मैंने कहा आप को चाट चाट के खाना पसंद है? वो बोला हां मेरे को चाट के खाने में खूब मजा आता है.

मैंने कहा अच्छा मेरे को तो चूस चूस के खाने में मजा आता है. और फिर हम दोनों कुछ देर ऐसे ही नॉन वेज बातें करते रहे. मैंने मस्त मेग्गी बनाई थी और साथ में कोफ़ी थी. हम सब ने एन्जॉय किया और दोनों ने मेरी मेग्गी की तारीफ की. मुझे जीजा का लंड लेना ही था इसलिए मेरे को नींद नहीं आ रही थी. मेरी कजिन को सुस्ती चढ़ी थी क्यूंकि वो बस की लॉन्ग जर्नी से आये थे. उसने मेरे को बोला मेरी डोल कल बातें करेन्गे ढेर सारी अभी मेरे को सोने दे.

मैंने कहा सो जा मेरी जान! और फिर मैंने उसके पति को देखा वो मेरी गांड को ही देख रहा था जब मैं कमरे से बहार आई. मैंने उसे थोडा एक्स्ट्रा हलाया ताकि उसका और भी खड़ा हो आये मेरी मटकती हुई चूतडो को देख के.

मैं अपने कमरे में चली आई और सोचने लगी की काश आज जीजा का लंड मिल जाता तो मजा आ जाता इस नाईट को रंगीन करने का. और मैंने नाइटी पहन ली. अंदर की ब्रा और पेंटी को निकाल दिया. मुझे नाइटी पहन के चूत को सहलाते हुए सोने से अच्छी नींद आती है. मैं ऐसे ही सो गई और पता नहीं चला.

मेरी नीद तब खुली जब मुझे मेरी चूत के ऊपर एकदम से चिपचिपा अहसास हुआ. मैंने आँख खोल के देखा तो मेरी कजिन का हसबंड मेरी चूत को चाट रहा था. और उसकी जबान के थूंक की वजह से ही मुझे चिपचिपापन लग रहा था. मैंने उसे कहा, जीजू ये क्या कर रहे हो आप?

वो मेरी तरफ देख के बोला, अरे मैंने बोला था न की मुझे चाट चाट के खाने में मजा आता है! हम दोनों ही ये सुन के हंस पड़े और फिर वो बोला, तुमने कहा था की तुम्हे चूस चूस के खाना पसंद है, चलो दिखाओ तो!

मैने कहा, निकालो तो चूस चूस के खाऊँगी ना!

उसने खड़े हो के अपनी नाईट पेंट को खोल दिया. वो पूरा न्यूड था अंदर और उसका लंड एकदम मोटा था. लम्बाई उतनी नहीं थी लेकिन अजगर के जैसा मोटा और ऊपर का टोपा यानी की सुपाड़ा तो एकदम विकराल था. मेरे मुहं में उसे देख के ही चूसने का पानी आ गया. मैंने और जीजा ने अब 69 पोजीशन बनाई. वो मेरी चूत को चाट रहा था और मैं उसके लंड को चूस रही थी. बाप रे वो लंड इतना मोटा था की मुश्किल से मेरे मुहं में फिट हो रहा था. मेरे दोनों गाल फुल जाते थे जब मैं उस लंड को मुहं में लेती थी.

और फिर जीजा ने मेरी चाट चाट के सच में खा ली. वो अपने दांतों से भी मेरी चूत को खुजा रहे थे और चूत के दाने को उनके बिच में दबा रहे थे. मैं तो जैसे पागल हो रही थी इस मस्त सेक्सी अदाओं की वजह से. और मेरे मुहं से जोर जोर की सिसकियाँ निकल रही थी. जीजा जी ने अब मेरी चूत में अपनी एक ऊँगली डाली और बोलले, वाह बिलकुल तुम्हारी दीदी के जैसा ही वजाइना है ये भी!

और फिर वो बोले अब तो मैं रुक नहीं सकता हूँ मेरी जान. और इतना कह के वो मेरे ऊपर आ गए. और अपने लंड को एक हाथ से पकड के मेरी चूत में घुसा दिया. बाप रे इतना मोटा लंड मैं कैसे बिना दर्द के ले पाती! उतना दर्द तो मुझे 8 8 इंच के लंड से चूत चुदाई करवाने में भी नहीं हुआ था. जीजा का लोडा फौलाद और हथोडा था!

उन्होंने मुझे किस किया क्यूंकि उन्हें भी पता था की मैं उनंके लौड़े को बिना दर्द के नहीं ले सकती हूँ. उन्होंने मुझे किस करते हुए पहले तो लंड को ऊपर ऊपर से ही घिसा. जब चूत एकदम गीली हो गई तो उन्होंने धक्का दे दिया. और मेरी चूत के अन्दर उनका लंड आराम से फिसल गया. मैं कराह उठी लेकिन अब लंड अन्दर हो गया था इसलिए मुझे भी सुकून सा हुआ था. सच कहूँ तो मुझे डर ये था की कहीं मेरी चूत में घुसाने में तकलीफ ना हो!

जीजा के लंड के धक्के अब मेरी चूत में लगने लगे थे. और मैं अपनी कमर को हिला हिला के उनका लेने लगी थी. और फिर तो बाकी सब वही था जो हर चुदाई में होता है कभी सीधे सीधे तो कभी उलट पुलट के मुझे भी चोदा गया!!!!

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