वो मुझे जोर जोर से चोदने लग गए

हेल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम दीक्षा है और आज मैं अपनी पहली सेक्स कहानी आप सब के लिए लेकर आई हूँ. मुझे पक्का यकीन है की आप को मेरी ये पहली और सच्ची कहानी बहोत ही पसंद आएगी. दोस्तों मैं आप को बताना चाहूंगी की ये सब मेरे मेरे साथ एकदम सचमुच हुआ था और ये बस मेरी आपबीती ही है.

ये बात जब मेरे साथ घटी तब मेरी उम्र सिर्फ 19 साल की थी. मेरे घर में मेरे मम्मी पापा और मेरे से बड़ा एक भाई है. मेरे पापा आर्मी में थे और अब उनकी जॉब पूरी हो गई है इसलिए वो ज्यादातर घर पर ही रहते है. मेरे पापा का शरु से ही शराब पिने का काम रहा है. क्यूंकि उन्हें आर्मी के तरफ से फ्री की शराब मिल जाती थी.

वो रोज रात को 7 से लेकर 11 बजे तक शराब पीते रहते थे. और पापा के साथ शराब पिने के लिए उनके कुछ 4 दोस्त भी आ जाते थे. उनके नाम वर्मा अंकल, शर्मा अंकल, सोढ़ी अंकल और कटियाल अंकल थे. ये चारो के चारो बहुत ही शराबी किस्म के लोगे हे पापा के जैसे ही. और हर रोज मेरे पापा के साथ शराब पिने के लिए हमारे घर पर आया जाते थे.

शराब पिने के बाद अक्सर मेरी मम्मी के साथ पापा की लड़ाई होती थी. मम्मी भी चुपचाप उनके लिए आइस और नमकीन लाती थी और उन्हें बार बार देती थी. मम्मी उन्हें दिनभर बहोत समझाती थी की अब बहुत हुआ कितना शराब पियोगे आप. पर पापा थे की मम्मी की एक भी नहीं सुनते थे वो.

मैं जब भी पापा को कुछ बोलती थी तो वो मुझे चुप करा देते थे. इसलिए मेरा कुछ कहना का तो मतलब ही नहीं बनता था. मेरा स्कुल में एक बॉयफ्रेंड थी है. मैंने उसके साथ तब तक 3 बार सेक्स कर चुकी थी. और उसने मुझे ब्ल्यू मूवीज देखने का भी चस्का लगा दिया है.

अब मैं हर रात को ब्लू मूवीज देखती और अपनी चूत को रगड़ कर अपनी चूत का खूब सारा पानी निकालती थी. मुझे ये सब करना बहोत अच्छा लगता था. क्यूंकि इस से मेरी चूत की आग हर रोज शान्ति हो जाती थी. मुझे लम्बे और मोटे लंड वाली मूवीज देखना बहोत पसंद था.

क्यूंकि मैं चाहती थी की काश कभी मेरी चूत में भी इतना बड़ा और मोटा लंड अंदर बाहर जाए. और मेरी चूत को पूरी तरह से फाड़ कर रख दे.

मुझे नहीं पता था की उपरवाला मेर ये बात इतनी जल्दी सुन लेगा. मेरी मम्मी जी की तबियत अचानक ख़राब हो गई. इसलिए मेरी मम्मी को उनके पास जाना पड़ा. अब मम्मी इतनी दूर अकेली तो जान नहीं सकती थी. इसलिए मेरा भाई भी उनके साथ चला गया. मम्मी कम से कम 4 दिन तक वापस आने वाली भी नहीं थी. अब घर में सिर्फ मैं और मेरे पापा ही थे.

मैं उनसे कुछ ज्यादा नहीं बोलती थी. क्यूंकि मुझे पता था की अगर मैं कुछ बोलूंगी तो पापा मुझे लड़ने लगेंगे. इसलिए मैं चुपचाप से स्कुल जाती और वहां से आकर घर का काम कर के रात को कुछ देर ब्ल्यू मूवीज देख के सो जाती थी.

पहले दिन ऐसा ही चला गया. मुझे नहीं पता था की पापा के दोस्त कब आये और कब चले गए. पर जब मैं सुबह उठी तो मेरे चहरे पर कुछ सफ़ेद सफ़ेद लगा हुआ था. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था की ये क्या है. खैर मैंने दोनों कर साफ़ कर दिया और उठकर स्कुल चली गई.

अगली रात मैं हर रोज की तरह ही स्टडी करने के बाद अपनी ब्लू मूवीज लगा के देख रही थी. और पापा के दोस्त आज जल्दी आ गए थे. इसलिए मैंने किचन में से उन्हें नमकीन और आइस दे दी. वो चारो मुझे घुर के देख रहे थे. मैं उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही थी और चुपचाप अपने कमरे में जा के सो गई.

मुझे बहुत ही गहरी नींद बहोत जल्दी आ गई. फिर मुझे अपने पैर के ऊपर कुछ महसूस हुआ और साथ में मेरे हाथो पर भी. मैंने जैसे ही आँख खोली तो मेरे आँखों के सामने 8 इंच लम्बा और मोटा लंड था. जो की मेरे मुहं में जाने की कोशिश कर रहा था. मैंने आँखे खोल के इधर उधर देखा तो चारो अंकल पुरे नंगे हो कर मेरे चारो तरफ खड़े हुए थे.

इसके पहले की मैं कुछ बोलती वर्मा अंकल ने मेरे मुहं में अपना लंड घुसेड दिया. और बाकी सब ने मेरे कपडे फाड़ कर मुझे पूरा का पूरा नंगा कर दिया. फिर शर्मा अंकल ने मुझे निचे जमीन पर लिटा दिया और मेरे नंगे बूब्स को चूसने लग गए. कटियाल अंकल ने मेरी चूत में अपना मुहं डाल डाल कर मेरी चूत को चूसने लगे.

मैं भी एकदम गर्म होनी शरु हो गई थी. मेरा पूरा बदन कांपने लगा था. उधर मेरे एक हाथ में सोढ़ी अंकल का लंड आ गया. इस लंड को मैं ऊपर निचे कर रही ही. मैं जानकार उन चारों से अपने आप को छुटवाने की कोशिश कर रही थी. पर दिल ही दिल मैं उनसे चुदना चाहती थी.

उसके बाद शर्मा अंकल ने अपनी जीभ मेरी चूत से निकाली और अपना बड़ा सा लांद मेरी चूत में एक ही झटके में उतार दिया. मुझे दर्द हुआ क्यूंकि इतना बड़ा लंड तो आजतक नहीं लिया था मैंने. वो मुझे जोर जोर से चोदने लग गए. अब कटियाल अंकल मुझे अपना लंड चुस्वाने लग गए.  वर्मा और सोढ़ी अंकल मेरे दोनों बूब्स को चूस रहे थे.

करीब 15 मिनिट के बाद शर्मा अंकल का पानी मेरी चूत में ही निकल गया. और फिर वर्मा अंकल मेरे ऊपर चढ़ गए. उन्होंने भी मेरी चूत में एक ही बार में पूरा लंड घुसेड दिया. और जान ही जैसे निकाल दी. और मेरी चूत को वो जोर जोर से चोदने लगे. अब तक मेरी चूत 3 बार अपना पानी छोड़ चुकी थी. मैं आज जन्नत की सैर कर रही थी जैसे पोर्न मूवी में देखते थे वैसे मोटे और बड़े लंड से चुदने का मजा जो आ रहा था.

क्यूंकि ऐसी चुदाई का मौका बार बार नहीं मिलता था. मैं अब पुरे मजे से अपनी चूत को इन बूढ़े अंकल लोगो से चुदवा रही थी. वर्मा अंकल के बाद सोढ़ी अंकल और कटियाल अंकल ने भी मुझे घोड़ी बनाकर अच्छे से चोदा. उस रत मैं 3 बजे तक चुदती रही. और उसके बाद मेरे पापा की व्हिस्की का नशा उतरने लगा था. इसलिए वो चारों को अब पापा के देखने का डर था. इसलिए वो मुझे वैसे ही नंगी छोड़ के चले गए. मुझे बहुत दर्द हो रहा था इतने मोटे लंड बार बार अपनी चूत में ले के. सुबह जब मैं उठी तो मेरे चलने के भी होश नहीं थे और उस दिन मैंने स्कुल की भी छुट्टी कर ली.

अगली रात को जब मेरे पापा के चारो दोस्त आये तो वो मेरे से नजर भी नहीं मिला पा रहे थे. उनको लग रहा था की मेरी ग्रुप चुदाई कर के उन्होंने गलत किया है. अब भला उनको क्या पता की मैं तो कब से ऐसे मोटे और लम्बे लंड से चुदवाना चाहती थी!

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