मेरी गुलाबी चूत

मेरा नाम शोभा है। कन्नौज की रहने वाली हूँ। देखने में सुंदर और सेक्सी औरत हूँ। मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते है। रात में मेरी चूत को चाट चाटकर मुझे गर्म करते है। उसके बाद मेरी चूत मारते है। मुझे सेक्स करना बहुत पसंद है। मोटे और लम्बे लंड से चुदना विशेष रूप से पसंद है। पर जितना जादा मैं चुदाती हूँ मेरी वासना की आग बढती जाती है। कम ही नही होती है। कुछ दिन पहले की बात है मेरे पति राहुल का शोभित मेरे घर आने लगा।
दोनों साथ में बैठकर शराब पीते थे। सारा दिन काम कर करके दोनों थक जाते थे। शोभित की शादी हो चुकी थी। मेरे पति की तरह वो भी एक शादी शुदा मर्द था पर देखने में बहुत स्मार्ट था। मेरे पति जहाँ भोले भंडारी है। पर उसका दोस्त बहुत चंचल प्रवृति का था। वो हमेशा बनठन रहता था और अपनी बीबी को रोज घुमाता था। मेरे पति बड़े बोरिंग मर्द थे और खाली वक्त में उनको किताबे पढना बहुत पसंद था। शोभित मुझे हमेशा भाभी कहकर बुलाता था। दूसरे दिन जब वो मेरे घर आया तो मेरी नई साड़ी देखकर कॉम्प्लीमेंट देंने लगा।
“वाह भाभी!! राहुल ने तो आपको बड़ी सुंदर साड़ी दी है” वो बोला
“ये क्या घंटा देंगे। एक नम्बर के कंजूस आदमी है। मैंने ही अपनी पॉकेट मनी जोड़ जोड़कर ली है” मैंने कहा
“कहाँ मेरी शादी इनसे हो गयी। काश शोभित मुझे तेरे जैसा मर्द मिलता। आजतक राहुल मुझे कहीं भी घुमाने नही ले गये” मैंने कहा
वो हँसने लगा। धीरे धीरे शोभित रोज ही मेरे घर आने लगा। उसने मुझे एक नई साड़ी गिफ्ट की। वो मुझे अच्छा लगने लगा। मेरा उससे चुदने का दिल करने लगा। शोभित 6 फिट का दिखता था। वो बहुत हैंडसम था। दोपहर में जब मेरा सेक्स करने का मन करता था अपने पति के दोस्त शोभित को याद करके अपनी चूत में ऊँगली डालकर मजे ले लेती थी। पता नही मुझे क्या हो गया था। मैं शोभित से चुदना चाहती थी। कुछ दिन बाद रात के वक़्त वो मेरे घर आ गया। मेरे पति अपनी माँ को देखने गाँव चले गये थे।

शोभित को इसके बारे में नही मालुम था। मैंने उसे बिठाया और बताया की राहुल गाँव चला गया है।
“ठीक है भाभी!! मैं फिर चलता हूँ। राहुल जब आ जाए तो उससे बोल देना की मैं आया था” उसने कहा और जाने लगा।
“तुम मुझे भाभी कहते हो। क्या मैं तुमको बुद्धि लगती हूँ” मैंने पूछा
“नही” वो बोला
“तो फिर तुम मुझे शोभा कहकर ही बुलाया करो” मैंने कहा
“तुम पति पत्नी रात में तो दंगल करते होगे??” मैंने बातों बातों में कह दिया
“कहा आजकल उसे माहवारी आई है। 5 -6 दिन से कुछ नही हुआ” शोभित मुंह लटकाकर बोला
मैं उसके करीब चली गयी। उसके हाथ को मैंने पकड़ लिया।
“क्या मैं कोई पराई हूँ। तुम अपनी प्यास मुझसे भी बुझा सकते हो” मैंने धीरे से उससे नजरे मिलाते हुए कहा
शोभित चुदासा हो गया। खड़े खड़े मुझे ही ताड़ने लगा। मैं भी उसे ताड़ रही थी। 5 मिनट तक हम दोनों एक दूसरे को घुर घूर कर देख रहे थे बिना पलक झपकाये।
“शोभा !! अगर राहुल को इस बारे में पता चल गया तो??” वो बोला
“उसे पता नही चलेगा। बोलो अपनी प्यास मुझसे बुझाना चाहोगे???” मैंने अपनी भवे उचकाते हुए पूछा
शोभित चुदासा हो गया। उसने मुझे मेरे घर में ही पकड़ लिया और खुद से चिपका लिया। मेरी पीठ वो सहलाने लगा। मेरे गालो पर पप्पी लेने लगा। मैं यही तो चाहती थी। मैं कद में शोभित से काफी छोटी थी। मैं सिर्फ 5’ 3” की थी वो 6 फुट लम्बा मर्द था। मैंने भी उसको अपना सैंया मान लिया। वो झुककर मुझे किस करने लगा। मैंने लाल और नीली रंग की मैचिंग साड़ी पहनी थी जिस पर बॉर्डर पर सफ़ेद मोती लगे हुए थे। मैं अच्छी तरह से सजी धजी थी और बिलकुल घरेलु माल दिख रही थी। शोभित मुझ पर सेंटी हो गया और झुककर मेरे होठ चूसने लगा। मैं उसका पूरा साथ दे रही थी। हम 10 मिनट तक खड़े खड़े किस करते रहे।

“चलो कमरे में। यहाँ कोई देख सकता है” मैंने कहा और अपने पति के दोस्त राहुल को बेडरूम में ले गयी। अंदर जाते ही शोभित किसी बाज की तरह मुझ पर टूट पड़ा। उसके मुझे बिस्तर पर पटक दिया। जल्दी से मेरा ब्लाउस खोल दिया। मेरी ब्रा को उतारकर फेंक दिया और मेरे 38” के दूध को हाथ से दबाने लगा। मैं “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” की आवाज निकालने लगी। आज मेरा अरमान पूरा हो रहा था। कितने दिनों से शोभित जैसे मर्द से चुदना चाहती थी। वो मेरे दूध हाथ से दबा दबाकर चूस रहा था। मुंह में लेकर पी रहा था। मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मैं भी शोभित को दिलो जान से प्यार कर रही थी। वो कम से कम 40 मिनट तक मेरे दूध को मुंह में लेकर चूसता रहा। मेरी चूत से तो नदी ही बहने लगे। 
“शोभित जान!! चलो अब शुरू हो जाओ। कितनी देर लगाओगे??” मैंने कहा
वो खड़ा हो गया और अपनी शर्ट पेंट उतारने लगा। उसके कच्छे में उसका लंड कबसे खड़ा हुआ था। शोभित ने उसे भी उतार दिया। फिर मेरे सामने ही खड़ा हो गया। ओह्ह होय होय उसके लंड के तो क्या कहने थे। बिलकुल ब्रिटेन का झंडा लगता था। मैंने जल्दी से उसके 8” लौड़े को पकड़ लिया और फेटने लगी। उसे मजा आ रहा था। शोभित बहुत गोरा था इसलिए उसका लंड भी खूब गोरा था। खूब मोटा तगड़ा। कम से कम 2.5” मोटा था। मैं बिस्तर पर बैठकर मुंह में लेकर चूसने लगी। शोभित नीचे की खड़ा रहा। ओह्ह कितना मीठा स्वाद था उसके लंड का। मेरे सेक्सी ओंठ उसके लंड के होठो से टकरा रहे थे तो सिर्फ चिंगारियां ही निकल रही थी। बाय गॉड!! कसम भगवान की !! इतका सुंदर सेक्सी लौड़ा मैंने आज पहली बार देखा था। मैंने जल्दी जल्दी आगे पीछे करके फेट रही थी। मेरे पति का दोस्त शोभित मेरे सिर को पकड़कर अंदर की तरफ दबा रहा था जिससे अब उसका लंड मेरे गले तक उतर रहा था। मैं जल्दी जल्दी किसी लोलीपोप की तरह चूस रही थी। कुछ ही देर में उसका लंड लोहे जैसा कड़ा हो गया।

“चल शोभा!! अपनी चूत के दर्शन करवा” शोभित बोला
मैंने जल्दी जल्दी अपनी साड़ी उतारी। फिर पेटीकोट, और फिर पेंटी। दोनों टांग खोलकर मैं लेट गयी। शोभित मेरी चूत का दीदार करने लगा।
“आईला!! तेरी चूत तो मस्त है शोभा!! आज तो इसे मैं खा जाऊँगा। ये तो सॉलिड है बाप” वो अपने गालों पर हैरान होकर बोला
लगा की उसे मेरी चूत में ही गॉड दिख गया है। उसके बाद वो लेटकर जल्दी जल्दी मेरी चूत को चाटने लगा। रस को बार बार पी जाता था। मेरी चूत की चटनी करने लगा। मजबूरी में मुझे “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”करना पड़ा। मैं तो और जादा अब प्यासी हो रही ही। जिस तरह से कुत्ते बाल्टी में मुंह डाल डालकर छप छप की आवाज के साथ पानी पीते है, ठीक उसी अंदाज में मेरे पति का दोस्त शोभित मेरी चूत पी रहा था। मैं कांप रही थी। मुंह चला चलाकर वो ऐसे पी रहा था की जैसे बचपन से मेरी चूत का प्यासा हो। खूब मजा दिया उसने। हर 2 मिनट में मेरी चूत अपनी सफ़ेद क्रीम छोड़ देती जिसे वो चाट लेता। मेरी चुद्दी के होठ बड़े बड़े सेक्सी थे। शोभित दांत से पकड़ पकड़ कर काट कर उपर की तरफ खींच रहा था। मुझे नशा सा हो रहा था। इस तरह से मेरे पति ने आजतक मुझे प्यार नही किया था। मैंने सेक्स के नशे में उनकी पीठ में अपने लम्बे नाख़ून गड़ा दिए। जिससे उसे काफी दर्द हुआ और खून भी निकलने लगा। फिर भी वो नही माना और जल्दी जल्दी मेरी चूत पीता रहा। अब मैं पूरी तरह से गर्म हो गयी थी।
शोभित एक सेकंड के लिए भी अपनी नजरे मेरे भोसड़े से नही हटा रहा था। अब उसने अपना अंगूठा मेरी चूत में डाल दिया और जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा। मेरी तो जान निकली जा रही थी। “अई…..अई….अई… अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” बोलकर मैं तडप रही थी। नामुराद शोभित मेरी चूत में अपना मोटा लंड जैसा दिखने वाला अंगूठा डाल देगा मैंने ये कभी नही सोचा था। पूरे 15 मिनट उसने मेरे भोसड़े में अंगूठा किया।
फिर उसने लंड मेरी चूत पर रख दिया और लंड को हाथ से पकड़कर उसकी नोक से मेरे चूत को दाने को उपर नीचे करके घिसने लगा। मेरी तो गांड की फट गयी। शोभित जल्दी जल्दी मेरे चूत के दाने को छेड़ रहा था। लगा की वो मेरे बदन के सितार के तारों को हिला रहा था।

मेरे जिस्म में उपर से नीचे बिजलियाँ दौड़ने लगी। आज या तो मैं मर जाउंगी या चरम सुख को पा पाउंगी। मैं जान गयी थी। उसने अपना लंड मेरी चुद्दी में सरका दिया प्यार से और मुझे गचर गचर चोदने लगा। मेरी चूत का तो उसने संगीतमय तबला ही बजा दिया। पट पट चट चट की संगीतमय ध्वनि सिर्फ और सिर्फ मेरी चूत से निकल रही थी। मैं जान गयी थी की इस तरह की महान बिस्तर फाड़ चुदाई मैंने आजतक नही देखी थी। 
पागल होकर मैं खुद अपनी चूचियों को दबाने लगी और निपल्स को उँगलियों से गोल गोल करके मसलने लगी। आज मेरे पति का दोस्त मेरी जिन्दगी में फ़रिश्ता बनकर आया था। वो मेरी तरफ नही सिर्फ और सिर्फ मेरी चूत की तरफ देख रहा था। जल्दी जल्दी मुझे चोदने में बीसी था। राम जाने उसमे कितना स्टेमिना था। वो झड़ ही नही रहा था। बस मुझे जल्दी जल्दी पेल रहा था। वो चिपक के मुझे चोद रहा था। अब मेरी चूत और जादा नर्म और गुलाबी दिख रही थी। उसमे से सफ़ेद क्रीम बार बार निकल रही थी। शोभित तो रुकना जानता ही नही था। जल्दी जल्दी कमर मटका कर मेरे साथ सम्भोग कर रहा था। मेरे दोनों 38” की रसीली चूचियां उपर नीचे जल्दी जल्दी उछलकर डिस्को डांस कर रही थी। हम दोनों की मजे लुट रहे थे।  आप यह कहानी हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।
“चोदो जान मुझे चोदो। इधर उधर क्या देख रहे हो। मेरे भोसड़े पर फोकस करो। आज मेरी चूत से बदला ले लो। आज तुम फाड़ दो इसे जान… सी सी सी सी..हा हा हा” मैं कहने लगी
शोभित मेरी गरमा गर्म बात सुनकर और जोश में आ गया। उसने मेरे गाल पर 3 4 चांटे मारे। फिर मेरी कमर को दोनों तरफ से कसके पकड़ लिया और अपने लंड की ट्रेन मेरी चूत की सुरंग में 100 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ा दी। कुछ मिनट बाद मैं उसके साथ ही स्खलित हो गयी। मेरी चूत से पानी निकलने लगा। शोभित सब पानी पी गया।

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